भूमिका
भारतीय सभ्यता का इतिहास अत्यंत प्राचीन, व्यापक और विविधतापूर्ण है। इस इतिहास में अनेक राजवंशों, क्षत्रिय कुलों तथा सामाजिक परंपराओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समय के साथ अनेक ऐतिहासिक तथ्यों, लोकपरंपराओं, वंशावलियों और क्षेत्रीय मान्यताओं ने विभिन्न समाजों की पहचान को आकार दिया। कर्णवंशी क्षत्रिय राजपूत समाज भी ऐसी ही एक ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है, जिसके संबंध में अनेक मत, मान्यताएँ और शोध उपलब्ध हैं। इन्हीं विषयों के अध्ययन, संरक्षण और प्रसार के उद्देश्य से यह " गुमनाम कर्णवंशी क्षत्रिय" The Heero of Archary नाम से पुस्तक लिखी गई है। इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य गुमनाम समाज के इतिहास, वंश परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, महापुरुषों, ऐतिहासिक घटनाओं, लोकश्रुतियों तथा उपलब्ध साहित्य को एक स्थान पर संकलित कर पाठकों के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करना है। साथ ही, यह पुस्तक शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और समाज के जागरूक सदस्यों के लिए संवाद और अध्ययन का माध्यम बनने का प्रयास करती है। इतिहास एक सतत शोध का विषय है। नई खोजों, अभिलेखों, पुरातात्त्विक प्रमाणों ...