माता त्रिपुर सुंदरी एवं वैष्णो देवी (लावन पुरा) में संबंध
लावन पुरा में प्राप्त वैष्णो देवी की दो दिव्य मूर्तियां माता महाकाली एवं माता महासरस्वती की मूर्तियों में नीचे लिखे शिलालेख की आकृतियाँओ को ठीक से देखा जाएं तो समझ आता है कि दोनों मूर्तियों में समान चार वृषभ(वैल ) जैसी आकृतियाँ उकेरी हुई है ठीक ऐसी ही वृषभ (बैल) की आकृतियाँ त्रिपुरी कलचुरि वंश के राजा कर्ण देव के शिलालेखों पर देखने को मिलती है जो इसकी पुष्टि करता है कि यह मूर्तियां त्रिपुरी कलचुरि वंश से संबधित है मध्यप्रदेश के जबलपुर में प्राचीन नगर तेवर में 45 वर्ष पूर्व खंडहरों से 1100 ईस्वी की जो मां त्रिपुर सुन्दरी (परम ज्ञानी महर्षि दुर्वासा जी की आराध्य देवी) की मूर्तियां मिली है यह उनके ही समकालीन प्रतीत होती है वृषभ से ऊपर की पंक्ति में मां त्रिपुर सुंदरी की सेनापति देवी वाराही (दण्डिनी) के आकृति उकेरी गई है जिनके हाथों में हल रूपी शस्त्र विद्यमान है प्रथम पंक्ति में गौर से देखोगे तो दिखेगा वाराही देवी के सामने घोड़े और मनुष्य जैसी एक आकृति प्रतीत होती है शायद यह भगवान हयग्रीव की आकृति उकेरी गई हैं क्योंकि ललित उपाख्यान में भगवान हयग्रीव ने महर्षि अगस्त्य को माँ ...